Wednesday, April 2, 2014


दिल में उमंग ,मन में तरंग हो तो होती है होली ..!
अपनों का संग,हाथों में हो रंग तो होती है होली...!

रंग हो प्रीति का, या हो मीत का तो होती है होली...!
रंग हो हार का,या हो जीत का तो होती है होली...!

रंग हो विस्वास का, अपनों की आस का होती है होली..
रंग हो अहसास का, और पास-पास का होती है होली...!

रंग हो मस्ती का, प्रेम की बस्ती का, तो होती है होली...!
दंभों की धुलाई, दुश्मनी की सफाई हो तो होती है होली...?

रंग में न भंग हो, भंग भले ही संग हो तो होती है होली..!
भीगे हर अंग हों, हाथों में बहु-रंग हों तो होती है होली...!

अबीर-गुलाल पिचकारी अंखियन हरियारी हो होती है होली ...!
गांव की गौरी शहर की छोरी हैं सब मतवारी होती है होली...!

फाल्गुनी गीतों की बहार,रंगों की फुहार हो तो होती है होली ...!
"संतोष" डूबे जो उल्हास में, राधा कृष्ण के रास में होती है होली..!

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