Wednesday, April 2, 2014

सत्ता की चाह में
नेता नियंत्रण
खोते जा रहे हैं...!
फिसलती जुवान
से स्तरहीन
होते जा रहे हैं...!
शेर से चूहे,कुत्ते
बिल्ली तक
आ गये हैं...!
गालियों की क्या कहें...?
एक दूसरे को
नोचे खा रहे हैं...?
ये सत्ता रानी
न जाने किसका
वरण करेगी...?
"संतोष"ये नेता-गिरी
कब तक नैतिकता का
हरण करेगी...?

No comments:

Post a Comment