Friday, September 20, 2013


जन्म भूमि आदेगाँव एवम श्री कालभैरव स्वामी जीके चरणों में समर्पित...?
ये मेरा अदेगांव है....?

वो पर्वतो की छाँव में,
वो सरोवरों की बांहों में,
ये एक हसीन गाँव है...
ये मेरा आदेगाँव है
ये मेरा आदेगाँव है...!
.... वो खेरमाई मेढ़ो की ,
सरपरस्ती काल भैरव की...!
घर घर में जिनका ठांव है.....! ये मेरा..
यंहा सदियों से है एक किला,
जिसे बक्त भी न सका हिला...
यंहा पुरातनी खुदाव है .. .ये मेरा....
जंहा जाहिर दशहरा कुंवार का,
वो धर्म मयी बयार का...!
हर दिल में यंहा लगाव है.....ये मेरा...
यंहा पर्वो पर ब्यवहार भी,
यंहा झूम उठें त्यौहार भी.
मढ़ई मेलो का यंहा पड़ाव है.....! ये मेरा....
सरोवरों के तट पर मंदिरों की श्रृंखला,
पूजा-पाठ का जंहा अटूट सिलसिला,
श्यामलता की यंहा दुर्लभ छाँव है..!.ये मेरा....
शिखंडियो को यंहा न मांगने का रिवाज है...?
घर घर बस्ती बस्ती देवताओ का वास है....!
यंहा न कांव कांव है यंहा न कांव कांव है ...! ये मेरा
"संतोष" हम जिए या मरे कंही,
हम जन्म भूमि भूलें कभी नहीं,
यंही तो मन का ठहराव है.....!
ये मेरा अदेगांव है.यंहा न कांव कांव है ...
ये मेरा अदेगांव है...ये मेरा अदेगांव है.
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संतोष नेमा अधारताल जबलपुर

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