Wednesday, April 9, 2014

अब बड़ा सचेत है
ये आम आदमी...!
देखने में सहज
पर बड़ा तेज है
ये आम आदमी...!
करता किसी से
नहीं परहेज है
ये आम आदमी...!
कोई देता है जब
इसे झूठा झांसा
देता है वोट का
क़ानूनी तमाचा
ये आम आदमी...!
भूख-गरीबी,बेकारी 
महगाई से त्रस्त है
ये आम आदमी ...!
भ्रस्ट-ब्यवस्था
नेता-गिरी से पस्त है
ये आम आदमी...!
पेट की आग को
बुझाने में ब्यस्त है
ये आम आदमी...!
अपनी ही समस्याओं
से बड़ा ग्रस्त है
ये आम आदमी....!
पांच वर्षों में मिलता है
"संतोष"इसे मौका
तभी अपना हक़
जताने में मस्त है
ये आम आदमी...! 

No comments:

Post a Comment