Monday, January 27, 2014

काँटों के बीच
जीभ एक
नाज़ुक सी
कली...?
जीभ की
फितरत
अच्छी या भली....!
ये तो इसके
प्रयोग पर टली...!
"संतोष"जीभ जब
भी चली ...!
कंही राहत
तो कंही
आफत बढ़ी ...!

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