Wednesday, August 13, 2014

तू आज की बात कर सारे प्रयास आज पर ही मोड़ दो ...!

कल किसने देखा है कल की बात कल पर ही छोड़ दो....!


बर्तमान जो सुधरेगा कल खुद-ब खुद संवरेगा 'संतोष'


आज की खातिर मुश्किलों की तुम सारी ज़ंजीरें तोड़ दो.....!

No comments:

Post a Comment