तू आज की बात कर सारे प्रयास आज पर ही मोड़ दो ...!
कल किसने देखा है कल की बात कल पर ही छोड़ दो....!
बर्तमान जो सुधरेगा कल खुद-ब खुद संवरेगा 'संतोष'
आज की खातिर मुश्किलों की तुम सारी ज़ंजीरें तोड़ दो.....!
कल किसने देखा है कल की बात कल पर ही छोड़ दो....!
बर्तमान जो सुधरेगा कल खुद-ब खुद संवरेगा 'संतोष'
आज की खातिर मुश्किलों की तुम सारी ज़ंजीरें तोड़ दो.....!
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